इतिहास के 50 वायरल सच

इतिहास के 50 वायरल सच

200.00

सोशल मीडिया का दौर चरम पर है। जो फेसबुक, ट्विटर और ह्वाट्स एप कभी मित्रता और नेटवर्किंग बढ़ाने के साधन समझे जाते थे, वे अब राजनीतिक विचारधारा का टूल बन गए हैं। जिसका सबसे बुरा शिकार हो रहा है इतिहास, जिसकी मर्जी में जो आ रहा है, अपने राजनीतिक फायदे के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर उसे गलत मंशा से सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर शेयर कर रहा है। ऐसे में खासी दिक्कत उस आम आदमी के लिए हो गई है, जिसने यह इतिहास कभी किसी किताब में पढ़ा नहीं, लेकिन प्रतिष्ठित लोग उसे शेयर करें तो उसे सच मान लेता है, वहीं कोई दूसरा प्रतिष्ठित व्यक्ति उसे गलत साबित करता है तो ऐसे में सच क्या है? जरूरी था कि इस दिशा में प्रयास हों और ऐतिहासिक दावों की सच्चाई बताई जा सके। आमतौर पर टीवी के वायरल सच बताने वाले कार्यक्रमों में किसी-न-किसी इतिहासकार के बयान से ही उसे सच या झूठ मान लिया जाता है, जबकि हो सकता है कि वह इतिहासकार खुद किसी विचारधारा का पोषक हो। यह किताब सही संदभों के साथ ऐतिहासिक विवादों की तह में जाकर सच जानने का एक प्रयास है, भले ही छोटा सा है।

ISBN

9789353221515

Lekhak

Prakashak

Shri Vishnu Sharma

विष्णु शर्मा आईटीवी मीडिया ग्रुप (इंडिया न्यूज, न्यूज एक्स) में कार्यरत है। एबीपी न्यूज चैनल उन्हें 2016 के सर्वेश्रेष्ठ ब्लॉगर सम्मान से पुरस्कृत कर चुका है। वे इतिहास, आरएसएस, बॉलीवुड और व्यंग्य से संबंधित ब्लॉग्स लिखते हैं, वीडियोज भी बनाते हैं। ये पुरस्कार उन्हें उनके इतिहास के ब्लॉग https://itihasgawaah.word press.com/ के लिए मिला था। विष्णु शर्मा फेसबुक पर इतिहास का एक पेज (https://www.facebook.com/CorrectHistory/) भी चलाते हैं, जिसके अभी 75 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इतिहास पर उनके वीडियोज आईटीवी ग्रुप के यूट्यूब चैनल inKhabarHistory पर देखे जा सकते हैं। विष्णु शर्मा इतिहास से एम.फिल. हैं और नेट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। इससे पहले वे दैनिक जागरण आगरा, अमर उजाला नोएडा, न्यूज 24 नोएडा और ई24 मुंबई में काम कर चुके हैं। बीएजी फिल्म्स के बॉलीवुड न्यूज चैनल ई24 की लॉञ्चिंग में उनकी अहम भूमिका रही। वे चिल्ड्रन एनीमेशन फिल्म ‘द फोर्थ ईडियट’ के गाने और डायलॉग्स भी लिख चुके हैं, जिसके सूत्रधार थे ‘थ्री ईडियट’ के चतुर यानी ओमी वैद्या। इससे पहले उनकी इतिहास पर एक और पुस्तक ‘गुमनाम नायकों की गौरवशाली गाथाएँ’ प्रकाशित हो चुकी है।

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