| ISBN | 9789352667581 |
|---|---|
| Lekhak | |
| Prakashak |
1000 भारतीय संस्कृति प्रश्नोत्तरी
150.00
‘1000 भारतीय संस्कृति प्रश्नोत्तरी’ पाठकों को भारतीय संस्कृति से संबद्ध—प्राचीन एवं नवीन—विभिन्न जानकारियों, वस्तुनिष्ठ तथ्यों व महत्वपूर्ण संदर्भों से परिचित कराएगी। इसे पढ़कर पाठकगण भारतीय संस्कृति से संबद्ध ग्रंथों व उनके रचनाकारों; महत्त्वपूर्ण तिथियों, दिवसों, पक्षों, माहों व व्रतों; विभिन्न अंकों से संबद्ध जानकारियों; रोमांचक जानकारियों; महापुरुषों, नदियों, देवी-देवताओं, प्रतीकों; साधु-संतों, ऋषि-मुनियों; स्थलों, नदियों, जीव-जंतुओं; मेले, पर्वों त्योहारों व उत्सवों; नृत्य-नाट्य शैलियों, चित्रकला, गीत-संगीत, वाद्यों एवं वादकों, गायकों; अस्त्र-शस्त्रों, विभिन्न अवतारों; विभिन्न व्यक्तियों के उपनामें, उपाधियों व सम्मानों; संस्कार, योग, वेद, स्मृति, दर्शन एवं अन्यान्य ग्रंथों के संबंध में संक्षिप्त व महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कर सकेंगे। विश्वास है, प्रस्तुत पुस्तक सामान्य पाठकों के अलावा लेखकों, संपादकों, पत्रकारों, वक्ताओं, शिक्षओं, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी। वस्तुतः, यह भारतीय संस्कृति का संदर्भ कोश है।.
राजेंद्र प्रताप सिंह
जन्म : 19 मार्च, 1973 को ग्राम पचवर का पुरवा, बेलामुंडी, इलाहाबाद में ।
गत दस वर्षों से संपादन कार्य के माध्यम से हिंदी साहित्य व पत्रकारिता से संबद्ध । अब तक लगभग चार सौ पुस्तकों के संशोधन-संपादन का अनुभव ।
लेखन : कहानी, लघुकथा, व्यंग्य एवं आलेख विधा पर लगभग पचास रचनाएँ प्रकाशित । ‘ 1000 रामायण प्रश्नोत्तरी ‘ व ‘ 1000 महाभारत प्रश्नोत्तरी ‘ पुस्तकें प्रकाशित ।
संप्रति : अनेक प्रतिष्ठित प्रकाशनों की हिंदी पुस्तकों का संपादन कार्य, ‘ साहित्य अमृत ‘ पत्रिका में संपादन सहयोग तथा स्वतंत्र लेखन ।

छह स्वर्णिम पृष्ठ
Geet Gunjan
Gangasati
Samrat Chandragupt Maurya
Tana Riri
Ek Sarthak Vikalp Ekatma Manav Darshan
Akhbar Jagat ane Aapne
Anuben Thakkar
Vibhajan ni karunantika
Shree Guruji
Dr Hedgevar
Indulal Yagnik
Baba Saheb Devras
Rashtriya Swayamsewak Sangh
Chintansarita 2
Aapna Utsavo
Akhand Bharat - Samarth Bharat
Aapni Rastriyata
Jagadguru Sankracharya
Mahan Guru Govind Sinh
Ek Samarpit Vyaktitva Pandit Dindayal Upadhyay 

Reviews
There are no reviews yet.